नए वर्ष के लिए सन्देश :
कहो कहो माँ नई कहानी,
नानी जैसे कहा करे थी,
तुम भी वैसी कहो कहानी,
नानी जैसे कहा करे थी,
तुम भी वैसी कहो कहानी,
तूने क्यों कर, बिटिया नुझको,
समझ लिया है अपनी नानी!
चलो माँ मत बात बनाओ,
तुम बिटिया हो नानी की जब,
फिर है काहे की परेशानी?
आरम्भ करो माँ नई कहानी,
कहो दो माँ इक नयी कहानी,
समझ लिया है अपनी नानी!
चलो माँ मत बात बनाओ,
तुम बिटिया हो नानी की जब,
फिर है काहे की परेशानी?
आरम्भ करो माँ नई कहानी,
कहो दो माँ इक नयी कहानी,
नटखट बिटिया बड़ी हठीली ,
मत कर अबआँखे तू गीली,
मैं कल की हूँ, हुयी पुरानी,
क्या जानूँ मैं नयी कहानी,
तू ही कह दे अपनी बानी,
सुनने में जो लगे सुहानी,
न माँ! न, कहो तुम ही कहानी,
मत कर अबआँखे तू गीली,
मैं कल की हूँ, हुयी पुरानी,
क्या जानूँ मैं नयी कहानी,
तू ही कह दे अपनी बानी,
सुनने में जो लगे सुहानी,
न माँ! न, कहो तुम ही कहानी,
माँ बोली मन दुखता मेरा,
बिगड़ गया संसार बसेरा,
रहना कठिन जीना बेमानी,
नए वर्ष के कोरे कागज़,
पर लिख दे सुख सुविधा वाली,
सुसमृद्ध परिपूर्ण निशानी,
तू ही लिख दे नयी कहानी,
बिगड़ गया संसार बसेरा,
रहना कठिन जीना बेमानी,
नए वर्ष के कोरे कागज़,
पर लिख दे सुख सुविधा वाली,
सुसमृद्ध परिपूर्ण निशानी,
तू ही लिख दे नयी कहानी,
मेरी चाहत के समाज में,
अन्याय का नाम न चाहिए ,
भूख, गरीबी शब्द नहीं हो,
रोटी, कपड़ा, छत भी चाहिए,
दवा- दारू,स्वच्छ पानी संग,
सर्वत्र शिक्षा उपलब्ध निशानी,
हाँ हाँ अम्मा यही कहानी!
रोटी, कपड़ा, छत भी चाहिए,
दवा- दारू,स्वच्छ पानी संग,
सर्वत्र शिक्षा उपलब्ध निशानी,
हाँ हाँ अम्मा यही कहानी!
परम्परागत रूढ़ि रोड़े,
हैं समाज के असली फोड़े,
तानाशाही भेदभाव के,
इस समाज पर पड़ते कोड़े,
मेरी चाहना के समाज में,
सभी को अवसर सम समान हो,
ये सब अधोगति की हैं निशानी,
हां हाँ मैया यही कहानी!!
हैं समाज के असली फोड़े,
तानाशाही भेदभाव के,
इस समाज पर पड़ते कोड़े,
मेरी चाहना के समाज में,
सभी को अवसर सम समान हो,
ये सब अधोगति की हैं निशानी,
हां हाँ मैया यही कहानी!!
नए वर्ष के नव पटल से,
अन्याय का नाम मिटा दें,
राम राज सुनते आये हैं,
सुख सुविधा परिपूर्ण मार्ग से,
राम राज फिर से बना दें,
हां माँ यह तो बड़ी लुभानी,
मैं भी चाहती यही कहानी!!
अन्याय का नाम मिटा दें,
राम राज सुनते आये हैं,
सुख सुविधा परिपूर्ण मार्ग से,
राम राज फिर से बना दें,
हां माँ यह तो बड़ी लुभानी,
मैं भी चाहती यही कहानी!!
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