बारह बरस रो जोगी बावरा,
ए जोगी पहुंचा है राणी दरबार,
सुणो री राणी पिंगला,
भिक्षा तो दे दे री राणी पिंगला!
ए राणी जोगी ने होरी सै वार,
सुणो म्हारी राणी पिंगला,
इतना तो सुण के राणी रो पड़ी
ए जोगी थारी सूरत रो म्हारो कंत,
सुणो रे राजा भरथरी!
तू तो है राणी म्हारी बावल्डी,
ए राणी, जोगी जंगल का वासी,
जंगल है उसका साथी, बावल्डी!
इतना तो कह के जोगी चल पड़ा,
ए जोगी पहुंचा है राजा दरबार,
सुणो रे राजा तावल्डी,
भिक्षा तो देदे राजा तावल्डी,
ए राजा जोगी ने होरी सै वार,
सुणो रे राजा तावल्डी,
इतना तो सुणके राजा रो पड़ा,
ए जोगी थारी सूरत रो म्हारो पुत्त,
सुणो रे राजा भरथरी.
तू तो है राजा म्हारे बावल्डा,
ए राजा, जोगी जंगल का वासी,
जंगल है उसका साथी, बावल्ड़े,
इतना तो कह के जोगी चल पड़ा,
ए जोगी पहुंचा है मैया दरबार,
सुणो री मैया तावल्डी,
भिक्षा तो दे दे री मैया तावल्डी,
ए मैया जोगी ने होरी सै वार,
सुणो री मैया तावाल्डी,
इतना तो सुण के मैया रो पड़ी,
ए जोगी थारी सूरत रो म्हारो पुत्त,
सुणो रे जोगी भरथरी,
तू तो है मैया म्हारी बावल्डी,
ए मैया जोगी जंगल का वासी,
जंगल है उसका साथी,बावल्डी,
इतना तो कह के जोगी चल पड़ा,
ए जोगी पहुंचा है बहना दरबार,
सुणो री बहना तावल्डी,
भिक्षा तो दे दे री बहना तावल्डी,
ए बहना! जोगी ने होरी सै वार,
सुणो बहना तावल्डी,
इतना तो सुण के बहना रो पड़ी,
ए जोगी थारी सूरत रो म्हारो बीर,
सुणो रे जोगी भरथरी!
तू तो है बहना म्हारी बावल्डी!
ए बहना, जोगी जंगल का वासी,
जंगल है उसका साथी बावल्डी !
इतना तो कह के जोगी चल पड़ा ...