गुरुवार, 9 फ़रवरी 2012

-भिक्षा दे-दे मैया पिंगला!

राजा--भिक्षा दे-दे मैया पिंगला!
जोगी खड़ा है द्वार, मैया पिंगला!

रानी--जोग उतारो राजा भरथरी!
जोग उतारो राजा भरथरी!
रानी करे है पुकार राजा भरथरी!

रानी--कैसे देखूँ जोग तुम्हारा,
कैसे देखूँ जोग तुम्हारा,
गाऊँ प्रहार कतार
राजा भारतरी!

राजा--कर्म-लिखी ना मिटी किसी से,
कर्म-लिखी ना मिटी किसी से
करनहार करतार, मैया पिंगला!

रानी---केसर-चंदन छोड़ के राजा!
केसर-चंदन छोड़ के राजा!
लीन्ही बभूती डार, राजा भारतरी!

राजा--केसर काया राख बनेगी,
केसर काया राख बनेगी
इसमें क्या सिंगार,
मैया पिंगला!

रानी--महलों में आओ राजा भरथरी
अलख जगाओ राजा भरथरी ,
अलख जगाओ महल में राजा,
दूंगी मैं आँचल डार,
राजा भारतरी!


राजा--जोगी तो जंगल के बासी,
जोगी तो जंगल के बासी,
कैसा घर-संसार? मैया पिंगला!

रानी--दया ना आई ओ निरमोही,
दया ना आई ओ निरमोही
छोड़ चले मझधार,
राजा भारतरी!


राजा--अलख निरंजन
अलख निरंजन,
अलख निरंजन
अलख निरंजन,

गाओ री मंगलाचार,
मैया!

होवो भव-सागर पार,
मैया पिंगला!

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