कल्पनाओं का घोड़ा दौड़ा,
कल्पनाओं का घोड़ा दौड़ा,
बिन लगाम ही सरपट दौड़ा,
बिन लगाम ही सरपट दौड़ा,
ऊँची नीची राह न देखी,
फर्राटे से बेइंतहा दौड़ा,
फर्राटे से बेइंतहा दौड़ा,
खाई का न खंदक का डर,
दौड़ा बिना पड़े ही कोड़ा,
दौड़ा बिना पड़े ही कोड़ा,
टाप नदी नाले पर्वत को,
बीहड़बन वन कुछ न छोड़ा,
बीहड़बन वन कुछ न छोड़ा,
होश लगी तो कसी लगाम,
मानस को डटकर झंझोड़ा.
मानस को डटकर झंझोड़ा.
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